Thursday, January 27, 2011
Tuesday, January 25, 2011
Sunday, January 16, 2011
सूरज
आज बहुत दिनों के बाद अच्छी धूप निकली है तो मैंने भी सूरज का चित्र बनाया है. इस कड़ाके की ठण्ड में मैंने इसका बहुत इंतजार किया था. बीस दिनों की छूट्टी के बाद अब कल से स्कूल खुलने वाला है. अगर आज धूप नहीं निकलता तो मेरा स्कूल कल भी नहीं खुलता. मुझे स्कूल जाना अच्छा लगता है . कल सबको न्यू इयर विश भी तो करना है.
Thursday, January 13, 2011
मेरे दांतों का पहला विकेट गिरा
ये देखिये गयी मेरी पहली दांत और खुल गयी मेरी दांतों की खिड़की. पता है जब मेरा दांत टूटा तो मैं कितना रोया, इतना ..इतना.. इतना.. जितना की पूरा बीस दांत ही टूट गया हो और अब कभी नहीं आएगा.
मेरी खिड़की
अब तो मेरी मुस्कुराहट भी खिड़की वाली हो गयी है. पता है मेरी दादी मेरा क्या नाम रखी है...... पर्वत राज खिड़की वाला, क्योंकि मैं दिन भर बालू में से कंकड़ और पत्थर चुनता हूँ और मेरे दांत में एक खिड़की हो गयी है.
Saturday, January 1, 2011
Wednesday, December 1, 2010
मेरा रोबोट
आजकल स्कूल में होमवर्क बहुत मिलता है. तो अपनी मदद के लिए मैंने ये रोबोट बनाया है. इतनी मेहनत से मैंने इसे बनाया है पर लगता है इसका कोई तार छूट गया है क्योंकि ये मेरी कुछ मदद ही नहीं कर रहा. इसको फिर से ठीक करना पड़ेगा .
Thursday, November 25, 2010
Friday, November 19, 2010
छठ की छुटियों में इस बार मुजफ्फरपुर में
इस बार जब मैं अपनी नानी के घर मुजफ्फरपुर , बिहार गया तो मैं अपने अंकल के ऑफिस भी गया. वहां उनका चश्मा लगाकर खूब फोटो भी खिचवाया. तभी उनके यहाँ एक और छोटा बच्चा आ गया . पहले तो हम दोनों ने साथ में थोड़ा खेला और फिर जानते हैं क्या हुआ...
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