Tuesday, March 1, 2011

ये है प्यारा मेढक राम 
करता नहीं है कुछ भी काम 


ये है कागज का बना एरोप्लाने जिसे मैंने नारंगी रंग से रंग दिया है 

exam वर्ल्ड कप

ये मैंने वर्ल्ड कप बनाया है . जिसे एक्साम में सबसे ज्यादा नंबर आएगा उसे ही मिलेगा. 

Tuesday, February 22, 2011

हमारी दुनिया

मेरे इस चित्र में सुरज, चाँद और तारे एक साथ देख कर आपको आश्चर्य हो रहा होगा न, की अरे ये एक साथ कैसे? देखिये इसके बीच में एक काला लाइन है. इससे पता चलता है की जब दुनिया में एक तरफ धुप निकलता है तो दूसरी तरफ रात होती है. मेरी टीचर ने मुझे ये बताया तो मैंने इसको अपने फोटो में बनाने की कोशिश की है.  

Monday, February 21, 2011

भगवान गणेश और माता सरस्वती

इसे मैंने बनाया है, भगवान गणेश और माता सरस्वती .

Friday, January 28, 2011

Mr. Potato Head

देखिये ये है Mr. Potato Head. ये मेरा स्कूल का प्रोजेक्ट है. इसमें मैंने आलू के ऊपर राइ का पेड़ उगाया है, और मम्मी के बिंदी से इसका आँख और मुह बनाया है . है न मजेदार .

Thursday, January 27, 2011

क्या आप जानते हैं की Mr. Potato Head क्या होता है . अगर
नहीं जानते तो कल मेरे ब्लॉग पे  आईयेगा, मैं आपको इसके बारे में बताऊंगा. 

मेरी ड्राविंग

मछली जल की रानी है
जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओगे तो उसको कुछ नहीं होगा
बाहर निकालोगे तो मेरी ड्राविंग बुक खाली हो जाएगी 

Tuesday, January 25, 2011

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ


Happy Republic Day

आज गणतंत्र दिवस पर मैंने भी अपने छत पर झंडा फहराया है. इसके बाद सबको जलेबियाँ बाटी और खुद  भी ढेर  सारा खाया.  

मेरा आम का पेड़

जनवरी की गुनगुनी धूप हो और खाने के लिए आम मिल जाये, तब तो मजा ही आ जाये. ये देखिये मेरा आम का पेड़, है तो मेरे जितना छोटा  ही पर इसमें हर मौसम में फल लगता है. अभी तो आम कच्चा है पर खाने का मन है तो तोड़ ही लेता हूँ . 

Sunday, January 16, 2011

सूरज

आज बहुत दिनों के बाद अच्छी धूप निकली है तो मैंने भी सूरज का चित्र  बनाया है. इस कड़ाके की ठण्ड में मैंने इसका बहुत इंतजार किया था. बीस दिनों की छूट्टी के बाद अब कल से स्कूल खुलने वाला है. अगर आज धूप नहीं निकलता तो मेरा स्कूल कल भी नहीं खुलता. मुझे स्कूल जाना अच्छा लगता है . कल सबको न्यू इयर विश भी तो करना है.

Thursday, January 13, 2011

मेरे दांतों का पहला विकेट गिरा

ये देखिये गयी मेरी पहली दांत और खुल गयी मेरी दांतों की खिड़की. पता है जब मेरा दांत टूटा तो मैं कितना रोया, इतना ..इतना.. इतना.. जितना की पूरा बीस दांत ही टूट गया हो और अब कभी नहीं आएगा.

मेरी खिड़की

अब तो मेरी मुस्कुराहट भी खिड़की  वाली हो गयी है. पता है मेरी दादी  मेरा क्या नाम रखी है...... पर्वत राज खिड़की वाला, क्योंकि मैं दिन भर बालू में से  कंकड़ और पत्थर चुनता हूँ और मेरे दांत में एक खिड़की हो गयी है.

Saturday, January 1, 2011

WISHING ALL OF YOU A VERY HAPPY NEW YEAR
WISHING ALL OF YOU A VERY HAPPY NEW YEAR
WISHING ALL OF YOU A VERY HAPPY NEW YEAR

Wednesday, December 1, 2010

मेरा रोबोट

आजकल स्कूल में होमवर्क बहुत मिलता है. तो अपनी मदद के लिए मैंने ये रोबोट बनाया है. इतनी मेहनत से मैंने इसे बनाया है पर लगता है इसका कोई तार छूट गया है क्योंकि ये मेरी कुछ मदद ही नहीं कर रहा. इसको फिर से ठीक करना पड़ेगा .